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एक दिन वह गुप्त रूप से दवाइयाँ लेना बंद कर देता है, जिससे उसके भ्रम वापस लौट आते हैं। एक बार वह अपने बेटे को नहलाते समय लगभग उसे नुकसान पहुँचा देता है। एलिसिया (उसकी पत्नी) समझ जाती है कि स्थिति गंभीर है। वह बच्चे को लेकर जाने लगती है, लेकिन जॉन उसे रोकता है।

बाद में पता चलता है कि जॉन को (Paranoid Schizophrenia) नामक मानसिक बीमारी है। चार्ल्स, पार्चर, और एक छोटी लड़की (चार्ल्स की भतीजी) – ये तीनों पात्र पूरी तरह से काल्पनिक हैं। ये केवल जॉन के दिमाग की उपज हैं। उसका "गुप्त एजेंट" बनना, कोड तोड़ना – सब कुछ एक भ्रम (hallucination) था। फिल्म का मुख्य संदेश (The Core Message) जॉन को अस्पताल में भर्ती कराया जाता है और उसे इंसुलिन शॉक थेरेपी दी जाती है। ठीक होने के बाद भी उसके भ्रम पूरी तरह नहीं जाते। उसे दवाइयाँ लेनी पड़ती हैं, जिससे उसकी सोचने की क्षमता प्रभावित होती है। वह अपनी पढ़ाई और गणित पर दोबारा काम नहीं कर पाता।

धीरे-धीरे जॉन को एक गुप्त सरकारी एजेंट (William Parcher) भर्ती करता है। पार्चर जॉन को कहता है कि उसे सोवियत संघ की गुप्त योजनाओं को समझने के लिए समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में छिपे कोड ढूंढने हैं। जॉन यह काम करने लगता है और उसे एक साथी चार्ल्स (Charles) भी दिखाई देने लगता है, जो उसका काल्पनिक रूममेट है।