"ओरिएंट एक्सप्रेस में हत्या" सिर्फ एक जासूसी कहानी नहीं, बल्कि न्याय, सजा और मानवीय भावनाओं का गहरा दार्शनिक सवाल है। हिंदी पाठकों के लिए यह उपन्यास हरक्यूल पोयरो की बुद्धिमत्ता और अगाथा क्रिस्टी के अद्भुत कथानक कौशल का शानदार उदाहरण है। यह साबित करता है कि कभी-कभी सबसे मुश्किल सवालों के जवाब काले और सफेद में नहीं, बल्कि ग्रे शेड्स में छिपे होते हैं।
कहानी शुरू होती है इस्तांबुल से, जहाँ से पोयरो शानदार ओरिएंट एक्सप्रेस ट्रेन से लंदन लौट रहे होते हैं। ट्रेन पूरी तरह भरी हुई है, जिसमें तरह-तरह के यात्री सवार हैं – एक अमेरिकी व्यवसायी रैचेट (Ratchett), एक रूसी राजकुमारी, एक अंग्रेज कर्नल, एक इतालवी ड्राइवर, एक जर्मन नौकरानी और कई अन्य। पहली ही रात, बेलग्रेड के पास एक भयंकर हिमस्खलन (avalanche) के कारण ट्रेन पटरी से उतर जाती है और बर्फ में फंस जाती है। वातावरण अंधकारमय और रहस्यमय हो जाता है। murder on the orient express in hindi
सुबह होते-होते यात्रियों में हड़कंप मच जाता है – अमेरिकी यात्री मिस्टर रैचेट का शव उनके कम्पार्टमेंट में खंजर से गोदा हुआ मिलता है। हैरानी की बात यह है कि उसके शरीर पर करीब बारह घाव हैं, और केबिन का दरवाजा अंदर से बंद था। यानी, हत्या ऐसे लगती है जैसे किसी ने ‘बंद कमरे’ में असंभव हत्या की हो। एक रूसी राजकुमारी
यहाँ "मर्डर ऑन द ओरिएंट एक्सप्रेस" (Murder on the Orient Express) पर हिंदी में एक पाठ प्रस्तुत है: एक अंग्रेज कर्नल
अगाथा क्रिस्टी के सबसे चर्चित उपन्यासों में से एक, "मर्डर ऑन द ओरिएंट एक्सप्रेस" जासूसी कहानियों का एक अनोखा और बौद्धिक रत्न है। इसका हिंदी अनुवाद "ओरिएंट एक्सप्रेस में हत्या" के नाम से भी जाना जाता है। यह कहानी दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली डिटेक्टिव, हरक्यूल पोयरो (Hercule Poirot) के इर्द-गिर्द घूमती है।