वर्ष 2050। जलवायु परिवर्तन ने दुनिया को तबाह कर दिया था। बाढ़, सूखा, भूकंप और भीषण तूफान आम बात हो चुके थे। इस आपदा से बचने के लिए दुनिया के सभी देशों ने मिलकर एक अंतरिक्ष मंच, "डचमैन" (Dutchman) बनाया। यह अनगिनत उपग्रहों का एक जाल था, जो पृथ्वी के मौसम को नियंत्रित करता था।
"यह कोई दुर्घटना नहीं, योजना है," आदित्य ने घोषणा की। "कोई दुनिया को तबाह करके नए सिरे से बसाना चाहता है।" geostorm in hindi
उस दिन के बाद, दुनिया के वैज्ञानिकों ने प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का रास्ता अपनाया। और आदित्य ने तारों भरे आकाश में देखा, एक नए सपने के साथ – जहाँ मानवता और प्रकृति के बीच युद्ध न हो, बल्कि एक सुंदर संतुलन हो। geostorm in hindi
लेकिन अचानक, चीजें बिगड़ने लगीं। हिमालय की तलहटी में स्थित एक छोटे से गाँव, 'मैत्रीग्राम' में अचानक तापमान माइनस 50 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। कुछ ही घंटों में पूरा गाँव बर्फ में दफन हो गया। अगले ही दिन, राजस्थान के रेगिस्तान में बर्फीली आंधी आई, तो अमेज़न के जंगलों में भीषण बाढ़ ने सब कुछ बहा दिया। ये सिर्फ शुरुआत थी। geostorm in hindi